दरोगा के चलन में

दरोगा के चलन में उलझी मलहम लगाओ उनका बलम छा उठेगा काली कलम लेके, बरोदा के ललन में खिलजी चलन दबाओ मन का जलन वाह वाह चीखेगा मवाली गलम लेके, चुदेगा चुदेगा बिल्कुल चुदेगा लेकिन कब तक छिपेगा बीवी का बलमा को सलमा मान कर, हम तो सलमा का कलमा का हलीम बना दीया सलीम की तालीम को बलमा मान कर।

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Published on December 03, 2021 19:12
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Views From The Left

Avishek Sahu
An insouciant take on life in general with a focus on seeking alternate theories to broad social factors that affect us.
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