जनाब पैंसठ चौसंठ से खरगोशी मांगे खरगोश जोश ज़िंदादिली कि नुमाइश का, मुंहफट पोपट से कलाकारी मांगे कलाकार हार दरियादिली कि सिफारिश का, सिफारिश गुज़ारिश पिस्तौल सि साज़िश खरगोश कलाकार बाज़ारों का बाज़ारु होने का, अदाकारी भाती कलाकारी भाती जो जो हुकुम सोने का नहीं वो गुलाम धोने का।
Published on November 21, 2021 05:48