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dynamic memory power: dynamic memory

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About book-हम में से अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि हमारी स्मृति स्थिर और अपरिवर्तनीय है। लेकिन ऐसा नहीं है। कुछ तकनीकों के जरिए आपकी याददाश्त और मस्तिष्क के काम करने की क्षमता में जबर्दस्त इजाफा हो सकता है। आमतौर पर लोग औसतन अपने मस्तिष्क का 12 प्रतिशत ही इस्तेमाल करते हैं। फिर तो आप कह सकते हैं कि यह दुनिया बेवकूफ है। लोग अपने दिमाग का 12 प्रतिशत ही क्यों इस्तेमाल कर पा रहे हैं ? इसकी वजह है। दरअसल, मस्तिष्क के दांयें और बायें हिस्से के बीच आवश्यक सामंजस्य स्थापित करने का कोई सुनियोजित तरीका उनके पास नहीं है। अगर आप उन दोनों हिस्सों को सही तरीके से जोड़ेंगे नहीं, तब तक पूरा मस्तिष्क काम नहीं करेगा। न्यूरॉन नाम की एक चीज होती है, ये न्यूरॉन लगातार एक खास दिशा में काम कर रहे हैं। आप इन्हें जोड़ सकते हैं और अलग भी कर सकते हैं। 24 घंटे के भीतर हम इंसान के सोचने, इस दुनिया में चीजों को महसूस करने और समझने के तरीके को पूरी तरह से बदल सकते हैं।

79 pages, Paperback

Published December 12, 2019

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Dinesh Rajput

16 books

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