उपन्यास 'तितली' को जयशंकर प्रसाद की दूसरी सर्वश्रेष्ठ रचना के रूप में जाना जाता है। यह उपन्यास एक कृषि प्रधान समाज में रहने वाले किसानों के सामने आने वाली समस्याओं का विस्तृत चित्रण और स्पष्ट प्रदर्शन देता है और ग्रामीण जीवन की पेचीदगियों पर प्रकाश डालता है। कथानक मुख्य रूप से केंद्रीय नायक, तितली के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसका ग्रामीण जीवन की कठोरता के बीच संघर्ष इस उपन्यास को भावनात्मक सार का एक ताबूत बनाता है, जिससे हर पाठक संबंधित हो सकता है!
A story of mutualism in ecosystem with "Titli" the prime leader to take up the challenges to keep intact the legacy of "Madhuban". A story of metaphor with the social realities for power capture, rural development and the crisis around human life.