कहानी दो सौतेली बहनों की,जिनको ये भी नहीं पता कि वे दोनों अलग अलग माँ से पैदा हुई एक ही बाप की बेटियां है। बड़ी कुमारी सोनल जिसने ठकुराइन की कोख से जन्म लिया, और छोटी दस साल की बच्ची रिमझिम (रीमा ) जिसकी माँ ठकुराइन के साथ दहेज़ में आइ दासी थी। बड़ी बहन सोनल को महलों का सुख मिला, परवरिश और पढ़ाई राजकुमारी की तरह हुई और छोटी का बचपन अपनी माँ के साथ एक झोपड़े में बीता।
बड़ी बहन सोनल की शादी कुंवर विक्रमसिंह के साथ हुई और छोटी को भेड़ बकरी तरह पकड़ कर दहेज की दासी बना कर सोनल के साथ भेज दिया गया। लेकिन भाग्य को तो कुछ और ही मंजूर था। छोटी बहन रिमझिम जिसे दासी बनाया था उसके भाग्य में राजयोग लिखा था और बड़ी बहन सोनल के भाग्य में संन्यास योग लिखा था।
राजस्थनी राजपूत संस्कृति और परम्पराओं पर आधारित महिला