भारत में इक्ष्वाकुवंशी राजा सर्वाधिक आदर के साथ स्मरण किए जाते हैं। इक्ष्वाकु सूर्यवंशी थे। ऋग्वेद में इक्ष्वाकु का राजा के रूप में उल्लेख भले ही नहीं हुआ हो किंतु इससे यह सिद्ध नहीं हो जाता कि ऋग्वेद में उल्लिखित सूर्य और मनु के वंश में इक्ष्वाकु नामक कोई राजा हुआ ही नहीं। अथर्ववेद में राजा इक्ष्वाकु का स्पष्ट उल्लेख है। पुराणों के अनुसार इक्ष्वाकु धरती के राजा हैं तथा वैवस्वत मनु के पुत्र हैं। श्री हरिवंश पुराण में वैवस्वत मनु की दस संतानें बनाई गई हैं जिनमें से पहली संतान 'इला' नामक कन्या थी और उसके बाद 'इक्ष्वाकु' आदि नौ पुत्र उत्पन्न हुए। इस प्रकार विभिन्न पुराणों में वैवस्वत मनु के पुत्र इक्ष्वाकु का उल्लेख किया गया है एवं इक्ष्वाकु को प्रायः ज्येष्ठ पुत्र बताया गया ह