भारत के प्राचीन क्षत्रियों एवं पश्चवर्ती राजपूत कुलों ने अपनी पहचान सूर्यवंशी एवं चंद्रवंशी राजाओं के रूप में स्थापित की। भारत के समस्त आर्य-राजकुल इन्हीं दो राजवंशों में से निकले थे। इनमें से सूर्यवंशी राजा अपनी उत्पत्ति महर्षि कश्यप के पुत्र सूर्य से मानते हैं। चंद्रवंशी राजा अपनी उत्पत्ति महर्षि अत्रि के पुत्र 'सोम' से मानते हैं जिनका दूसरा नाम 'चंद्र' है। चंद्र के पुत्र बुध हुए जिन्होंने इला नामक स्त्री से विवाह किया। इसी बुध और इला के पुत्र पुरूरवा हुए जिन्हें चंद्रवंश का प्रवर्तक माना जाता है। मत्स्य पुराण के अनुसार वैवस्वत मनु के दस महाबली पुत्र उत्पन्न हुए जिनमें 'इल' ज्येष्ठ थे तथा 'इक्ष्वाकु' दूसरे नम्बर के थे। मत्स्य पुराण, महाभारत तथा वाल्मीकि रामायण के अनुसार