यह एक ऐसे मैट्रिक्स की कहानी है, जो बाहर की हकीक़ी दुनिया में नहीं चलता, बल्कि दिमाग़ के अंदर बनाई गई ऐसी दुनिया में चलता है— जहां कहानी के मुख्य ताकतवर पात्र दूसरे किरदारों को उनकी मर्ज़ी के खिलाफ अपनी उस दुनिया में खींच लेते हैं, जहां वे उनके साथ रोमांस भी कर सकते हैं और उन्हें शारीरिक चोट भी पहुंचा सकते हैं। यहां तक कि वे उनकी जान भी ले सकते हैं। उस दुनिया में अगाशी और उसकी सेना की काली शक्तियों का वर्चस्व था और कुछ लोग उन शक्तियों पर काबू पाना चाहते थे, जिन पर काबू पाने का मतलब एक तरह से मौत पर काबू पा लेना था, लेकिन क्या यह इतना आसान था? अपने इस मिशन के पीछे सौमिक बनर्जी ने अपनी उम्र खपा दी और अपना सबकुछ तबाह कर लिया, लेकिन जो कामयाबी मिली भी… उसे इंसानी एतबार से कामयाबी तो नहीं कहा जा सकता था। सौमित्र बनर्जी उस सावरी के साथ एक रोमांचक सफ़र पर रवाना होता है, जो उसके लिये सर से पांव तक ख़ुद ही एक रहस्य थी। वह पिता की ख्वाहिश पर उस अगाशी को जीतना चाहता था जो हकीक़ी दुनिया में कहीं थी ही नहीं और जहां वह थी, वहां बस उसी की चलती थी… क्या ऐसी ताक़त को जीतना संभव था? या उसका अंजाम भी वही होना था, जो उसके पिता का हुआ था?
There are some skills in people which are said to be God gifted. If God exists and gifts, are not known but I have seen many such skills in people. I, myself am a living example of this.
I do not know how and when I got so much creativity that I started writing stories but I remember that when I was in class six, I made a rough copy by adding pages and wrote a story on it for the first time. Obviously, I did not know the right way to write at that time, and so there were a lot of errors in the story but wasn’t that enough that I wrote at such a young age.
Then at that phase when the other children used to play and flirt, all my time was spent reading or writing. The libraries were in full trend those days and in the library of our area, there was no book, comic or magazine that I did not read. Writing also continued in the same way. I wrote many novels, short stories, film scripts and songs etc. After that, I got so stuck in the struggles of life that I could not continue it further.
But now I have overcome those problems and am ready to make a career in the world of writing. I might not be very good at other things but writing is my life. I am probably born to write.
लंबे समय तक याद रहने वाली कहानी, कहानी का पूरा खाका ही बेहतरीन और एक अलग ही ट्रैक पर है। शुरु से ही कहानी में बांध के रखने की क्षमता है और जितना सावरी का चरित्र अच्छा गढ़ा गया है, उससे कहीं ज्यादा अच्छा कहानी की खलनायिका अगाशी का चरित्र गढ़ा गया है। कहानी के नायक पिता-पुत्र उन दोनों महिलाओं के आगे बेबस नज़र आते हैं। बढ़िया प्लाॅट, उम्दा कैरेक्टराइजेशन और यूनीक ट्रीटमेंट… कुल मिला कर फर्स्ट क्लास मनोरंजन।
वैसे तो कहानी पूरी ही अच्छी है, एकदम अलग हट के सब्जेक्ट है, हाॅरर होते हुए भी ट्रेडीशनल भूत-प्रेत आत्मा कुछ नहीं है, लेकिन कुछ दृश्य तो ऐसे हैं जो एकदम रोंगटे खड़े कर देते हैं। जो दिमाग़ में बस कर रह जाते हैं। खास कर जब अफ्रीका में नरबलि का दृश्य होता है, या जब सौमित्र सावरी के साथ ट्रेन का सफर कर रहा होता है, या जब वे डाकबंगले में रुकते हैं। क्लाइमैक्स लंबा है लेकिन बिलकुल भी उबाऊ नहीं है और अपनी एक अलग ही छाप छोड़ जाता है। कुल मिला कर बहुत जबरदस्त कहानी है।
बहुत गजब और बहुत शानदार। एक बार जो पढ़ना शुरु किया तो पूरा खत्म करके ही हटे हैं। आपकी कल्पनाशक्ति गजब की है, ऐसे-ऐसे सीन इमेजिन किये हैं कि अगर इन्हें स्क्रीन पर उतारा जाये तो दर्शक बरसों बरस याद रखे। हालांकि पाठक भी पढ़ते वक़्त इमेजिन तो करता है, इतना डिटेल्ड वर्णन है कि सबकुछ आँखों के सामने चलता लगता है। मेरी इच्छा है कि इसपे कोई फिल्म बनाई जाये। वह एक यादगार और ऐतिहासिक फिल्म होगी।
ओहोहो… मैं हैरान हूँ कि इतनी जबर्दस्त कल्पना कोई कैसे कर सकता है, क्या जबरदस्त हाॅरर था और वह भी रोमांस के साथ। एक अच्छी बात कि ऐसे विषय को भी इरोटिक होने से बचाने में लेखक कामयाब रहे, जो शारीरिक संसर्ग पर ही आधारित था। हालांकि मैं कोई बहुत आदर्शवादी पाठक नहीं हूँ तो ऐसा कुछ होता तो शायद मुझे और ज्यादा मजा देता, लेकिन नहीं है तो भी खला नहीं। वाकई में यह एक माईल स्टोन है।
अशफ़ाक साहब, आप बहुत अच्छे लेखक हैं और आपके ज्ञान का लेवल गजब है। यह देखना सुखद रहा कि जिस प्वाइंट को आधार बना कर कहानी लिखी गई, वहां पूरी संभावना थी कि ज़रा सी कलम बहकते ही कहानी अश्लील हो जाती, लेकिन आपने ऐसा नहीं होने दिया और पूरी परिपक्वता के साथ कहानी पर नियंत्रण बनाये रखा। यह एक उच्चस्तरीय लेखक की पहचान है। आपको बेहतर भविष्य के लिये बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
कहानी वाकई शानदार है, बहुत दिनों बाद ऐसी कहानी पढ़ी है। एक तो यह अच्छा लगा कि कहानी में कहीं झोल नहीं है और दूसरे यह अच्छा लगा कि कहानी का मुख्य विषय संसर्ग होते हुए भी कहीं भी कहानी को अश्लील नहीं होने दिया गया।
शानदार, जबरदस्त, एकदम कसी हुई कहानी, जिसमें कहीं भी कोई झोल नहीं है। पारंपरिक भूत प्रेत चुड़ैल से एकदम अलग यह कहानी पूरी तरह बांध के रखने का दम रखती है। एक ही दिन में पूरा पढ़ा है इसे और पढ़ने के बाद लग रहा है कि लंबे समय तक याद रहने वाली है यह कहानी।
यह कहानी इंसान के दिमाग़ में एक वर्चुअल वर्ल्ड रच कर फिर उसमें परफार्म करने की है। ऐसा कुछ एक हालिवुड मूवी इंसेप्शन में देखा था, लेकिन उसका विषय अलग था और यह कहानी उससे एकदम अलग है। कई दृश्य बहुत ही गज़ब की कल्पना के साथ लिखे गये हैं और खास कर इसका क्लाइमेक्स तो बहुत ही गजब है।
कहानी पढ़ कर ऐसा लगता है जैसे लेखक को इतिहास के गहन ज्ञान के साथ हिंदू संस्कृति, तंत्र-मंत्र और अलौकिक रहस्यों में न सिर्फ दिलचस्पी है बल्कि काफी ज्ञान भी है, तभी वे ऐसे विषय पर इतनी बेहतरीन रचना दे पाये, जबकि वे मुस्लिम पृष्ठभूमि से हैं, यह बात एक सुखद आश्चर्य पैदा करती है।
इसके कुछ पार्ट्स मैंने प्रतिलिपि पर पढ़े थे, फिर यह किताब के रूप में प्रकाशित हो गई तो मैंने अंतिम भाग की समीक्षाओं पर गौर किया। लगभग सभी को पसंद आई थी यह कहानी, तब मैंने किताब मंगाई और मैं संतुष्ट हूँ कि मेरे पैसे बेकार नहीं गये।
पुराने वक़्त का बेहतरीन वर्णन है, जिस दौर में ब्रिटेन, फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन वाले सारी दुनिया कब्जाए थे, उस वक़्त में अफ्रीका का सफर रोमांच पैदा करता है। पढ़ते वक़्त दिमाग़ उन्हीं कल्पनाओं में खो जाता है।
बहुत ही बेहतरीन रचना… सभी किरदारों को जैसे जीवंत कर दिया। कहानी कहने की कला बहुत ही रोचक, हर चैप्टर के अंत में एक जिज्ञासा अपना अस्तित्व बनाये रखती है जो कहानी के आखिरी पन्ने तक बनी रहती है।
पढ़ते हुए मुझे हैरत हुई थी कि इसे एक मुस्लिम लेखक ने लिखा है, कहीं से भी ऐसा लगा ही नहीं। हिंदू संस्कृति और हिंदी के शब्दों पर अच्छी पकड़ है लेखक महोदय की।
मुख्य कहानी में वक़्त बंटवारे के वक़्त का लिया गया है और उस वक्त बंगाल और आसपास क्या माहौल था, उसका बढ़िया चित्रण किया गया है। असम के जंगलों में अगाशी की तलाश बांध के रखती है।
अगर साफ शब्दों में कहूँ तो मुझे जबरदस्त लगी। कहानी की अच्छी बात यह है कि यह एकदम शुरु से बांध के रखती है और आखिरी पेज तक पाठक की दिलचस्पी बरकरार रहती है।
अगाशी का कैरेक्टर बहूत जबर्दस्त लिखा गया है, पढ़ते हुए दिमाग कल्पनाओं में खो जाता है। जिसकी थीम ही सेक्स हो, उसे लिखते हुए रचनात्मक छूट ली जा सकती थी, लेकिन अफसोस कि ऐसा नहीं हुआ और हम उस तरह के दृश्यों को तरसते रह गये।
एक अच्छी कहानी उलझे हुए ट्रीटमेंट के साथ जो कहीं भी बोर नहीं करती। कहानी शुरु से बांध कर रखती है। आखिरी पन्ने तक एक सस्पेंस बना रहता है कि अब क्या होगा