एक रात बस का सफर कैसे मेरी ज़िन्दगी बदल दी। मैं औरतों के पैरों का दीवाना था, मेरा सपना था कि किसी औरत का गुलाम बनकर रहूँ, लेकिन मुझे क्या पता था कि एक रात बस का सफर मेरी ज़िन्दगी बदल देगा और मैं एक साथ तीन औरतों का गुलाम बन जाऊँगा, उनके पैरों का दास बन जाऊंगा।कहानी के पात्र :-1.) राज - यह मेरा नाम है।2.) सायरा आँटी - हम दोनों एक ही केबिन के अंदर बैठे हुए थें।3.) नाज़िया आँटी और डॉली आँटी - ये दोनों सायरा आँटी के दोस्त हैं जो उसी बस से लखनऊ जा रहे थे।4.) रुकसाना, स्नेहा, मोनिका और सोफ़िया - ये चार शैतान लड़कियाँ मुझे बस में किडनैप कर लीं औऱ मेरे साथ बुरा सलूक करना शुरू कीं।