दोस्तों, यह मेरी पहली किताब है जिसके ज़रिए मैं लिखकर सब के सामने अपनी रंगीन जिंदगी की कहानी लेकर आया हूं।
यह किताब नहीं बल्कि मेरे रंगीन जिंदगी की एक दास्तान है। कैसे सिर्फ १५ साल की उमर से ही शुरू हुई मेरी रंगीन जिंदगी की कहानी और किस तरह नई नई नायिका मेरे जीवन में आई, वैसे मेरे रंगीन जिंदगी के अध्याय बनते गए। ४o साल की उमर तक जितनी भी हसीनाएं मेरे जीवन में आईं, उतनी कहानियां बनी, उतने मेरी रंगीन जिंदगी के अध्याय बने।
ये किताब मेरी रंगीन जिंदगी - भाग १ में मेरी पहली नायिका थी गीता काकू जिन्होंने मेरे जीवन को 15 साल के उमर में ही नया आयाम दिया। यह भाग में कामुक, कमसिन गीता काकू के साथ मेरी रंगीन जिंदगी लिखी है, कैसा उन्होंने मुझे तराशा, और लैंगिक जीवन का मास्टर बना दिया। इतना ही नहीं, खुद तो अप