अपूर्वा शर्मा बचपन से ही कवितायेँ एवं कहानियां लिखती थी। इनकी कवितायेँ एवं कहानियां कई बाल पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है। इन्होने वकालत करी है एवं अभी एक कंपनी में कार्यरत हैं। यह इनकी पहली पुस्तक है जिसमें इन्होने बच्चों के लिए हिंदी में कविताएं लिखी है। यह कवितायेँ बच्चों को मंत्रमुग्ध कर देंगी और बढ़ो के बचपन की यादें ताज़ा कर देंगी। आजकल अंग्रेज़ी के चलन के कारण बच्चे हिंदी भूलते जा रहे है। हिंदी हमारी मातृभाषा हैं। यह कवितायेँ बच्चों को हिंदी सिखाने में अति रोचक प्रयास रहेंगी।