गोवा से जीते की मदद को आया उसका दोस्त एक ऐसी मुश्किल में पड़ा कि उसकी जान पर बन आई ! ऐसे में जीते ने अपने दोस्त की मदद का बीड़ा उठाया ! वो जीता जिसे कभी कोई हाकिम ठोकर मारता था, कभी कोई वादाशिकन मोहतरमा उसका दिल निकालकर अपनी जूती से मसलती थी तो कभी कोई कामरेड साहब अपने दुश्मन का शिकार करने का जरिया उसे बनाता था ! ये थी जीतसिंह, जीता, की कहानी !