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Vimal #11

हार जीत

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Another blockbuster from the very popular 42-novel-strong Vimal Series.  
Vimal is tired of being a convict on the loose, of drifting from one palce to another. He wishes to settle down now and live a peaceful life. But before that, he must confront his dark and devious past.

240 pages, Mass Market Paperback

Published January 1, 1995

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About the author

Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.

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Displaying 1 - 7 of 7 reviews
Profile Image for Rajeev Roshan.
71 reviews14 followers
April 7, 2014
दिसम्बर 1982 में,"खाली वार" के प्रकाशित होने के एक वर्ष बाद ही पाठक साहब ने अपने प्रशंसकों को , एक नायाब तोहफा दिया।
यह तोहफा था "हार-जीत" नामक उपन्यास जो विमल सीरीज का 10 वाँ उपन्यास था।
इस उपन्यास को लोग हमेशा याद रखेंगे क्यूंकि कालजयी "बखिया-पुराण" का यह पहला उपन्यास था।
इसे लोग इसलिए भी याद रखेंगे क्यूंकि पाठक साहब ने इसी उपन्यास में विमल की उस कहानी का जिक्र किया जिससे वह सरदार सुरेन्द्र सिंह सोहल से विमल कुमार खन्ना बन गया था।
पाठक साहब ने इसी उपन्यास में विमल की पत्नी "सुरजीत" से सभी प्रशंसकों की यादों में और रूबरू मुलाक़ात कराई।
सुनील के प्रयास और सहायता से विमल की जान बच जाती है और नीलम उसे चंडीगढ़ ले जाती है, जहाँ वह आराम करता है।
विमल को यहाँ अपनी पूर्व बेवफा पत्नी "सुरजीत" की याद आती है जिसके बदकारियों के कारण वह एक दुर्दांत हत्यारा बन गया था।
विमल अपनी पत्नी से बदला लेना चाहता था इसलिए उसे खोजते हुए वह नीलम के साथ इलाहाबाद पहुँच जाता है। जहाँ से उसे पता चलता है की सुरजीत मुंबई शिफ्ट हो गयी है।
विमल और नीलम मुंबई पहुँचते हैं और सुरजीत से मिलते हैं।
क्या विमल सुरजीत को उसके किये की सजा दे पायेगा।
अगर नहीं पढ़ा है आपने अभी तक बखिया पुराण के पहले भाग को और विमल महागाथा के इस उपन्यास को तो मेरी प्रार्थना है की जरूर पढ़िए।
"असफल अभियान", "खाली वार", "हार-जीत", "विमल का इन्साफ", "मौत का नाच" और "खून का आँसू" -- ये पुस्तकें विमल सीरीज को उस उंचाई पर पहुंचाते हैं जहाँ दूसरी पुस्तकों और लेखकों का पहुंचना असंभव है।
Profile Image for Ashfaq Ahmad.
Author 84 books57 followers
January 25, 2020
किसी वक्त में दीवाना था इन किताबों का, पाठक साहब की तो हर किताब के लिये एक आकर्षक रहता था लेकिन शुरुआती दौर में मुझे सुनील या सुधीर से ज्यादा विमल उर्फ़ सरदार सुरेन्द्र सिंह सोहल को पढ़ना अच्छा लगता था। मजे की बात यह है कि विमल सीरीज की पहली किताब, जहाँ से इस किरदार का जन्म हुआ.. वह पाठक साहब ने जेम्स हेडली चेज के एक नाॅवल को पूरा का पूरा काॅपी मार दिया था लेकिन अच्छी बात यह थी कि जब आगे इस कैरेक्टर को कांटीन्यू किया तो इसमें कई शेड्स दिये और एक साधारण मानूस को लार्जर दैन लाईफ कैरेक्टर बना के रख दिया। यह किताब भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है।
1 review
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January 10, 2016
Nah Bhooto, Nah Bhavishyate; aisi series Na kabhi likhi gayi Na likhi jayegi. ussme bhi har jeet se suruhota bakhiya puran sardar surendarsingh sohel ke kirdar ko amar kar gaya
Displaying 1 - 7 of 7 reviews

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