हरीश मेहता एक पढ़ा-लिखा, पेशे से वकील, नौजवान था जो आज एक नयी दुनिया में कदम रखने का सपना देख रहा था । लेकिन वो नहीं जानता था कि आज से छ साल पहले उसने जिन्दगी का जो रास्ता अख्तियार किया था, उस पर आगे भी मौत थी और पीछे भी मौत थी । एक मौत से बचकर भागने की कोशिश में उसे पनाह भी मिली तो दूसरी मौत की गोद में ।
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
टाइटल को justify करती शानदार थ्रीलर किताब, एक-एक करैक्टर पर लेखक की बहुत मेहनत दिखती है. Full entertainment book❤
हरीश, कांता का किरदार जरूर impress करता है औऱ climax तो predict कर ही नहीं सकते. कोई उम्मीद नही थी इस किताब से पर सच में मजा आ गया. Wonderful experience👍🏾👍🏾