सी आई बी के स्पेशल एजेंट रमेश कपूर ने अपनी जान पर खेल कर हेरोइन के व्यापारियों से सम्बन्धित लिस्ट तैयार की थीं । लेकिन इससे पहले कि वो लिस्टें सुरक्षित स्थान पर पहुंच पातीं, दुश्मन अपनी चाल चल गया । और अब कर्नल मुखर्जी के सामने सुनील को हांगकांग भेजने के अलावा और कोई रास्ता शेष ना था !
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
Smpji ने बेहद ही ख़राब कहानी लिखी हैं जिसमें रमेश एजेंट का एक्सीडेंट हो जाता हैं और उसकी पत्नी इंडिया आकर कर्नल मुखर्जी से मिलना चाहती हैं. फिर पत्नी का भी खून हो जाता हैं और यहीं से सुनील का हांगकांग जाने का सफर शुरू होता हैं, कुल मिलाकर ये उपन्यास पूरे विश्व और भारत में फैले हीरोइन के जाल को लेकर हैं. इसको पढ़ने का कोई कारण नहीं दे सकता, मेरे लिए तो बेहद बोरिंग उपन्यास रहा👎👎👎
Another story where Sunil is a secret spy. Somehow these stories lack the tense, taut and edgy atmosphere which are essentially the hallmarks of such tales, yet Pathak Saab did a fair job.