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Sunil #25
फरार अपराधी
कृति मजूमदार को अचानक एक दिन मालूम हुआ कि उसका पति वो नहीं था जो वो दिखता था । वास्तव में वो एक स्मगलर था जो किसी और के हाथ की कठपुतली बना हुआ था । और फिर जब कृति ने अपने पति को इस चंगुल से छुड़ाने की खातिर सुनील से मदद मांगी तो उसकी जिंदगी में जैसे एक भूचाल आ गया ।
Mass Market Paperback
First published April 1, 1969
About the author
Surender Mohan Pathak
335 books398 followersSurender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
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Community Reviews
Displaying 1 - 1 of 1 review
July 16, 2022
1/5 stars
इस उपन्यास का कथानक बेहद कमजोर है जहाँ कृति अपने पति और उसके साथियों के स्मगलर होने पर सुनील से कांटेक्ट करती है. मुझे तो ये उपन्यास एक फिलर लगा जिसकी रचना सिर्फ दो किताबों के बीच एक गैप भरने के लिए की गई हो.... कहानी बिल्कुल भी रोचक नहीं है , ऐसा लगता है जैसे सुनील जबरदस्ती सारे एक्शन कर रहा है.
इस उपन्यास का कथानक बेहद कमजोर है जहाँ कृति अपने पति और उसके साथियों के स्मगलर होने पर सुनील से कांटेक्ट करती है. मुझे तो ये उपन्यास एक फिलर लगा जिसकी रचना सिर्फ दो किताबों के बीच एक गैप भरने के लिए की गई हो.... कहानी बिल्कुल भी रोचक नहीं है , ऐसा लगता है जैसे सुनील जबरदस्ती सारे एक्शन कर रहा है.
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