What do you think?


Sunil #41-42
लहू पुकारेगा आसतीं का
सुनील को अपने मिशन के तहत एक स्पाई एजेंट का पीछा मात्र करना था । लेकिन फिर हालात ने ऐसा पलटा खाया कि सुनील ने अपने आपको एक दुश्मन देश में अनगिनत दुश्मनों से घिरे पाया ।बांगलादेश के स्वाधीनता संग्राम के परिवेश में सैट एक गाथा जो आपको इतिहास के अनेक पहलूओं से अवगत कराएगी ।
Mass Market Paperback
About the author
Surender Mohan Pathak
335 books398 followersSurender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
Ratings & Reviews
Friends & Following
Create a free account to discover what your friends think of this book!
Community Reviews
Displaying 1 - 2 of 2 reviews
July 14, 2022
3/5 stars
लेखक ने एजेंट चंद्रकांत को लेकर जितनी शानदार शुरुआत की थी, उसको अंत तक कायम नहीं रख पाए. बांग्लादेश, पूर्वी पाकिस्तान और वहां के नेताओं को लेकर जरुरत से ज्यादा डिटेलिंग जिसने सिर्फ और सिर्फ गति ही धीमी करी है.
हालंकि जोरावर के किले में सुनील की एंट्री, शांति प्रकाश का पीछा करना और जरीना के साथ एक्शन सीन अच्छे बन पड़े हैं. ये एक बेहतरीन स्पाई थ्रीलर बन सकता था लेकिन लेखक अपने कंटेंट पर ढंग से पकड़ नहीं जमा पाए. ये किताब मेरे लिए एक मध्यम स्तर कर कहानी बन कर रह गई है.
लेखक ने एजेंट चंद्रकांत को लेकर जितनी शानदार शुरुआत की थी, उसको अंत तक कायम नहीं रख पाए. बांग्लादेश, पूर्वी पाकिस्तान और वहां के नेताओं को लेकर जरुरत से ज्यादा डिटेलिंग जिसने सिर्फ और सिर्फ गति ही धीमी करी है.
हालंकि जोरावर के किले में सुनील की एंट्री, शांति प्रकाश का पीछा करना और जरीना के साथ एक्शन सीन अच्छे बन पड़े हैं. ये एक बेहतरीन स्पाई थ्रीलर बन सकता था लेकिन लेखक अपने कंटेंट पर ढंग से पकड़ नहीं जमा पाए. ये किताब मेरे लिए एक मध्यम स्तर कर कहानी बन कर रह गई है.
August 23, 2013
Sensational book.....The historic events are perfectly blended with fiction in this book. The historical facts make this book a collectors pride
Displaying 1 - 2 of 2 reviews



