आप के मनोरंजन के लिए मैं फिर से हाजिर हूँ अपनी नवीनतम और सत्ताईसवीं रचना “संहारक” ले कर।
“संहारक” एक अलग और लीक से हट कर अनोखा कथानक है। कहानी के नायक करण मल्होत्रा को आप एक “सुपर हीरो” की संज्ञा दे सकते हैं जिस में जागती आंखों से सपना देखने की एक अद्भुत शक्ति है। अपने “सपनों” में करण मल्होत्रा ना सिर्फ दूर कहीं भूतकाल में घटित आपराधिक घटना को ज्यों का त्यों देख लेता है, बल्कि भविष्य में होने वाली घटनाओं को भी पहले ही देख लेता है।
परिस्थितियां करण मल्होत्रा को “कातिलों का कातिल” यानि एक “संहारक” बना देती है और वो अपनी इस अद्भुत और अनोखी शक्ति के बल पर कातिलों को चुन चुन कर मारना शुरू कर देता है। हत्यारों की हत्या को करण अपना फ़र्ज़ समझने लगता है।