48 घंटे, The Deadline, ये कहानी एक ऐसे बड़े आदमी की है जो बड़ा आदमी बनने के बाद अपना निजी इंतकाम लेने के लिए लोगों को ब्लैकमेल करने लगा।
इस उपन्यास में आप पढ़ेंगे कि कैसे एक आम आदमी जयंत हसीजा और एक ट्रेंड महिला सिक्योरिटी दीपा चोपड़ा मिल कर इस खतरनाक ब्लैकमेलर आदमी का मुकाबला करते हैं।
आप इस उपन्यास में ये भी पढ़ेंगे कि वास्तव में पुलिस के काम करने का क्या तरीका है और कैसे वो आम आदमी की सहायता करती है। इस से अधिक इस उपन्यास के बारे में यहाँ लिखना इसकी कहानी के साथ अन्याय होगा, जिसका पूरा आनंद आप को ये उपन्यास पढ़ कर मिलेगा। मैं यहाँ सिर्फ इतना ही लिखना चाहता हूँ कि ये एक तेज गति वाला अत्यंत रोचक उपन्यास है जिसे आप एक बार में ही पूरा पढ़ना चाहेंगे और इसकी कहानी अंत तक आप को बंधे रखेगी। इस कहानी का अंत बह