ये कहानी है एक ऐसे सनकी कातिल “अनाम” की जो क़त्ल पर क़त्ल किए जा रहा था और इतनी होशियारी से क़त्ल कर रहा था कि वो ना तो पीछे कोई सबूत ही छोड़ रहा था और ना ही उसके द्वारा किए गए कत्लों का कोई कारण, कोई उद्देश्य किसी की समझ में आ रहा था।
कातिल अपने आप को “अनाम” कहलाना पसंद करता है अपने द्वारा किए गए कत्लों के पीछे का एक अजीब सा कारण बताता है कि वो ‘फेमस’ होना चाहता है।
ये कहानी है पंजाब के एक राजसी परिवार के मुखिया सरदार सूरज सिंह संधू की इकलौती वारिस राधिका मोहन की, जो एक न्यूज़ चैनल में न्यूज़ एंकर है। खुद को फेमस करने के लिए कातिल “अनाम” राधिका मोहन को अपना जरिया बनाता है और राधिका मोहन के नजदीकी लोगों की एक के बाद एक हत्या करनी शुरू कर दे