"हमसफ़र" पुस्तक जीवनसाथी एवं हमराही प्रेम को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से संकलित एक पुस्तक हैं। इस पुस्तक का शीर्षक इसके अर्थ के समान ही उज्जवल हैं एवं इसमें छिपें भाव इसे यथार्थ सिद्ध करते हैं। हमसफ़र अर्थात दो रूह जो आरंभ से अंत तक, आदि से अनंत तक, जन्म से मरण तक, इक दूजे में समाहित होते हुए एक साथ एक अनंत यात्रा तय करती है और अंत में एक दूजे में ही समाहित हो जाती है। मोह, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या जैसे द्वेष पूर्ण भावों से परे होकर केवल और केवल प्रेम के मार्ग पर अग्रसर होती है। वो यात्रा जहां विरहा की घड़ियां भी उन्हें विलगन नहीं कर सकती और न ही उनसे उनका अस्तित्व छीन सकती है। ये यात्रा हैं उन दो प्रेमियों की हैं जो केवल एक दूजे के लिए ही बनें हैं। यहां हमसफ़र शीर्षक यूं तो हर एक ब