प्रस्तुत पुस्तक में संत दर्शन सिंह जी महाराज ने अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को अपने निराले शायराना अंदाज़ और रोचक भाषा-शैली में पेश किया है। पुस्तक में महाराज जी ने प्रभु-प्रेम, आत्म-निरिक्षण, प्रसाद, विरह, विद्यार्थी जीवन, विवाह जैसे अनेकों विषयों पर मार्गदर्शन दिया है, जो कि एक जिज्ञासु के लिए अत्यन्त उपयोगी हैं।