भारत के कई वर्षों तक गुलाम रहने के बाद अंग्रेजों द्वारा और विदेशी आक्रांताओं द्वारा हमारे इतिहास के भारतीय महान विभूतियों का उनके योगदान का लगातार दमन किया जाता रहा है। हर शक्तियों ने जिन्होने छल से या बल से भारत पर राज किया उन्होने खुद को महान बताने के लिए हमारे लोकप्रिय शक्तिशाली योद्धाओं के इतिहास को नकार कर उन्हे हमारे मस्तिष्क से निकालने की भरपूर कोशिश की यद्यपि वे इस कार्य में कुछ हद तक सफल भी रहे हैं। स्वामी दयानंद सरस्वती के अथक प्रयास से हम कुछ सीमा तक अपने पूर्वजों को जान सके हैं समझ सके हैं। इसी कडी में इस पुस्तक के माध्यम से हम उन्हे और अपने भारत को और बेहतर समझ सकेंगे जान सकेंगे। उन महान विभूतियों को लेखक की ओर से श्रद्धापूर्ण श्रद्धांजलि सुमन समर्पित...