इंडिया पॉजिटिव सिटिजन एक कार्य। प्रतिसप्ताह। हर सप्ताह। एक महान राष्ट्र का निर्माण एक समय में भारतके लिए एकसकारात्मक कार्य। एक अरब+ की जनसंख्या के राष्ट्र को एक अरब लोगों की जरूरत है, जो इस अभियान के साथ देश को विकसित कर सकें। पुस्तक शक्तिशाली तदापि अत्यधिक कार्यवाई योग्य विचार प्रस्तुत करती है। जैसे प्रत्येक भारतीय - एक बच्चे से लेकर एक वरिष्ठ नागरिक तक सक्रिय रूप से और खुशी से राष्ट्र निर्माण में भाग ले सकते हैं। लिंग, आयु, शिक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का कोईफ़र्क़ नहीं पड़ता। आपको भारत की भौगोलिक सीमाओं के भीतर रहना भी जरूरी नहीं है। आप विश्व में कहीं भी रहकर भारत में सकारात्मक बदलाव लाने में अपना योगदान दे सकते हैं। भोजन से लेकर पर्यावरण तक, पानी से लेकर नागरिक मुद्दों तक स्वच्छ भारत बनाने और कई अन्य पहलू जहाँ हम अपने दैनिक जीवन में बदलाव ला सकते हैं। भारत के गुमनाम नायकों की कहानियाँ आपको बहुत प्रेरित करेंगी। अलग अलग क्षेत्रों से नागरिकों ने अपने कार्य विचारों को साझा किया है। पुस्तक में सबसे कम उम्र का योगदानकर्ता 7 साल का बच्चा है, और सबसे बुजुर्ग 104 साल के हैं। लेखिका आपको पुस्तक पढ़ने, चिंतन करने और पुस्तक में अपने विचार लिखने और अपने कार्य से उन्हे अपने जीवन में शामिल करने के लिए आमंत्रित करती हैं। अपनेकार्योंसे भारत को प्रेरित करें। साथी नागरिकों के कार्यों से प्रेरित हों सविता राव लेखिका पर्यावरणऔर सामाजिक कार्यों को अर्पित है। वह दृढ़ता से मानती हैं कि हम एक साथ बदलाव ला सकते हैं।
This story is about Indian's irrespective of they are male or female ,who take step to make India better whether its related to nature, technology , agriculture , Food, Army personel, moment of bravery and nation first. Some people whose talent overpowered many shortcomings and disadvantages in life. Story of Amul organization , peepal baba , Major Dp Singh, subedar Bana singh Ami shroff, Srikanth Bolla did various works in there fields and make India proud at various levels author wants other citizens to come forward and do the works towards humanitarian and humanity and she phrase people who come forward in Times like Pandemic and did fantastic work.