प्रस्तुत 8 कहानियाँ मात्र लघु कहानियों का संकलन ही नहीं है अपितु आज की आपाधापी के बीच जीवन का सार है . रोज़मर्रा की ज़िंदगी में या यूँ कह लें कि आज के ज़माने में लोभ मोह माया ने अपने पैर इतनी मज़बूती से पसार लिए हैं कि त्याग , इंसानियत , भाईचारा , सहयोग , ईमान धर्म जैसे गुजरे ज़माने की बात हो चुकी है . समय के साथ साथ बदलाव आना भी चाहिए . बदलाव होता भी रहा है और आगे भी होता रहेगा . अच्छी चीजों का स्वागत होना चाहिए और बुरी चीजों का विरोध . कोई कितनी भी सफाई दे कि पापी पेट के लिए , परिवार के पालन पोषण के लिए , उज्वल भविष्य के लिए थोड़ा बहुत गलत चलता है . लेकिन वही गलत कोई हमारे साथ करे तो हमें बूरा लगता है . हम तिलमिला उठते हैं . खैर , आज़ के ज़माने में भी अच्छे लोग भी है . दुनिया टिकी हुई है . अच्छे और बुरे का मिश्रण है , 8 कहानियाँ .