कभी कभी कुछ ऐसा हो जाता है जिस पर विश्वास नहीं होता। अब कौन विश्वास कर सकता है कि एक पुलिस के सब इंस्पक्टर और उसकी पत्नी का सोते में, उसके बेडरूम में घुस कर, मर्डर भी हो सकता है। पर ऐसा हुआ। बुरी तरह चाकू के वारों से घायल एक व्यक्ति को प्यास से तड़प् कर मरते हुए सब इंस्पेक्टर वाही ना देख पाया और अपने सीनियर्स के मना करने के बावजूद भी अपने इंवेस्टिगेशन में लगा रहा। और इस तरह से उसने ताकतवर लोगों से दुश्मनी मोल ले ली। इसका परिणाम भी उसे भोगना पड़ा। अपने एक दोस्त और उसकी खूबसूरत पत्नी की इस तरह से की गई हत्या से 'द इंवेस्टिगेटर' डेली का चीफ क्राइम रिपोर्टर संदीप बर्दाश्त ना कर पाया और जी जान से इस केस को सुलझाने में जुट गया। जिस केस में कहीं सिर पैर ही नजर नहीं आ रहा था उसमें उसे एक के बाद तार मिलत&