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Gutthi

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शहर के नामी बिजनेसमैन मनमोहन कपूर, उनकी पत्नी और सबसे छोटी बेटी की बंद कमरे में हुई मौत पुलिस को सकते में डाल देती है। न कोई चोट-खरोंच, न ख़ून का कहीं कोई निशान। मौका-ए-वारदात पर इन तीनों के अलावा मिले डीएनए सैंपल किसी चौथे शख्स की मौजूदगी का इशारा कर रहे थे, पर दिक्कत यह थी कि पुलिस रिकॉर्ड में वह डीएनए किसी भी क्रिमिनल से मैच नहीं कर रहा था। एसीपी मंजरी मिश्रा के सामने एक ऐसा केस था जिसमें कत्ल की वजह से लेकर कत्ल के तरीके तक का कोई निशान नहीं था। कौन था वह चौथा शख्स और क्या उसका उन क़त्ल से कोई संबंध था या उसकी वहाँ उपस्थिति महज एक इत्तफाक थी ? यह एक ऐसी गुत्थी थी जिसने पुलिस महकमे की रातों को नींद उड़ा दी थी। क्या एसीपी मंजरी इस गुत्थी को सुलझा सकेगी ? या फिर यह केस भी पुलिस की तमाम फ़ाइलों में दफ़

165 pages, Kindle Edition

Published February 18, 2024

10 people are currently reading

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Nikhil Uprety

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