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आस्तीन के सांप

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सब से पहले तो मैं अपने पाठकों के प्यार और उनके द्वारा समय समय पर मिलने वाले सुझावों के लिए उनका धन्यवाद करना चाहता हूँ। ये पाठकों का प्यार ही है जो मुझे हर बार पहले से अच्छा और कुछ नया लिखने की प्रेरणा देता है।

जैसा की नाम से ही जाहिर है, मेरा 38 वां उपन्यास “आस्तीन के सांप” इस कहावत को चरितार्थ करने वाले लोगों का चरित्र चित्रण है। आप को धोखा वही दे सकता है जिस पर आप यकीन करते हैं। आप के नजदीकी लोग जब आप को धोखा देते हैं, तो उन्हें “आस्तीन के सांप” ही कहा जायेगा।

इस उपन्यास की कहानी भी कुछ ऐसे पात्रों के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने स्वार्थ के लिए अपने सब से क़रीबी को भी धोखा देने में नहीं चूकते।

धोखे और बदले की एक ऐसी ही कहानी है “आस्तीन के सांप” जिसमे आप स्वार्थ की वजह से इंसानियत की ग&#

260 pages, Kindle Edition

Published March 30, 2024

11 people are currently reading

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Ramesh Sharma

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