अगर आप मानते हैं कि रूहें हैं और वो भटकती हैं तो आपको किसी भी सबूत की जरूरत नहीं है। और अगर आप इस बात को नहीं मानते तो हमारा कोई भी सबूत आपके लिए काफी नहीं है। कुलदेवता का रहस्य सुख-दुख, जन्म-मरण, तीज-त्योहार, और आपत्तियों में उन्हें सबसे पहले याद किया जाता है। वे ही हैं जो कई पीढ़ियों से अपने कुल की रक्षा करते आ रहे हैं। श्याम के परिवार पर अचानक ही एक विपदा आ गई— सभी जन परेशानी में थे। उनकी जान को खतरा था। कोई तो था जो कई पीढ़ियों से उनके पीछे पड़ा हुआ था। उसका उद्देश्य क्या था? सुना गया था कि वह अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकता था। भगवान से भी टकरा सकता था! मृत्यु का उसे कोई भय नहीं था । अतीत और वर्तमान के बीच में उलझी, सात पीढ़ियों की यह कथा कई सच्ची घटनाओं पर आधारित है। पशु बलि,
बेहद मनोरंजक उपन्यास। थ्रिल और सस्पेंस से परिपूर्ण कथानक। लौकिक और पारलौकिक परिवेश लिया हुआ उत्कृष्ट कहानी। ये कहानी हमें एक सिख भी प्रदान करती है। इसे पढ़े और सीखें😊