फारस की शहजादी की अद्भुत प्रेम कहानी : hindi novel book : hindi books : hindi novels : hindi story book : hindi story books : hindi novels books : hindi novel : hindi book :
एक दिन शहजादा अबुल हसन व्यापारी की दुकान पर बैठा था। उसी समय चितकबरे रंग के खच्चर पर सवार एक युवती आई। उसके आगे-पीछे दस सेविकाएँ भी थीं। वह सुंदरी कमर में एक सफेद पटका बाँधे थी जिसमें चार अंगुल चौड़ी लेस टँकी हुई थी। वह हीरे-मोती जड़े इतने आभूषण पहने थी जिनके मूल्य का अनुमान भी कठिन काम है। उसकी दासियों की सुंदरता भी झिलमिले नकाबों के अंदर से झलक मारती थी, फिर स्वयं स्वामिनी की सुंदरता का क्या कहना।वह युवती अपनी जरूरत का कुछ सामान लेने के लिए उक्त व्यापारी की दुकान पर आई। व्यापारी उसे देख कर झपट कर आगे बढ़ा और अत्यंत स्वागत-सत्कारपूर्वक उसे दुकान के अंदर ले आया और एक सज्जित कक्ष में बिठाया। शहजादा अबुल हसन भी एक कमख्वाब से मढ़ी हुई तिपाई ले आया और सुंदरी के सामने उसे रख कर उसके पाँव उस ê