अरुणाचल की मशहूर लोक कथाएं : hindi novel book : hindi books : hindi novels : hindi story book : hindi story books : hindi novels books : hindi novels mystery ... : hindi book : free books :
शाम हो चुकी थी। घर लौटना था। परन्तु उनके पाँव बहुत भारी हो रहे थे। सब चुपचाप चल रहे थे, केवल तातो रोए जा रहा था, हें...हें...हें...। उसके रोने की आवाज किसी के कानों में नहीं पड़ रही थी। सब कोई-न-कोई उपाय सोचते जा रहे थे बचने का। पर वे कभी बच सके, हमें तो नहीं लगता।