एक दिन की बात है कि राजा ने एक सपना देखा। सपना बहुत अजीब सा था। अपने परदानी (मंत्री) को बुलाकर अपनी पत्नी को साथ बिठाता है और सपने की बात कहता है कि सपने में एक सोने का चबूतरा, चाँदी का पीपल वृक्ष, उस पर रत्न खानेवाला पक्षी नाच रहा था। वह सपना देख मन बहुत खुश हुआ, मगर उससे यह शक भी हुआ कि अपने को या पक्षी को, किसी का भी कुछ बुरा घटनेवाला है।वह परदानी से पूछता है कि उस पक्षी को लानेवाला कोई पुण्यात्मा हो सकता है क्या?तब परदानी हजार रुपए का पन लगाकर शहर में ढिंढोरा पिटवाता है, मगर इस काम का कोई नहीं मिलता। जिस किसी ने यह बात सुनी, उन सबने यही कहा कि इस तरह के सपनेवाली बात सच हो ही नहीं सकती। इसे कोई भी नहीं ला सकता।राजा के बेटे थे तीन, वे अबोध थे। उन तीनों ने राजा से कहा, ‘पिताजी आप चिंता न करें, हम वह पक्षी-पे