अनंत वाजवा नाम का एक डिफेंस लॉयर अपने घर में मरा पड़ा पाया जाता है। जांच करने के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुँचती है कि अनंत वाजवा ने आत्महत्या की थी। मगर वाजवा की लॉ फर्म में उसके पार्टनर केदार दयाल को पुलिस द्वारा निकाले गए नतीजे पर शक होता है।
अनंत वाजवा की मौत के कारण का पता लगाने के लिए केदार दयाल वो केस प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर जय किशन वर्मा उर्फ़ जैक को सौंपता है तथा जैक अपनी पत्नी कार्तिका वर्मा के साथ केस की जांच में जुट जाता है जिसके मेहनताने के तौर केदार दयाल उन्हें एक बड़ी रकम देता है।
केस की शुरुआती जांच के दौरान ही जैक और कार्तिका के सामने कुछ ऐसे तथ्य आते हैं कि उन्हें भी इस बात पर शक होता है कि अनंत वाजवा ने आत्महत्या की थी।