जो लोग इस्लाम की आड़ में ‘लॉ लेसनेस्’ करते हैं, वे स्वयं इस्लाम के आधारभूत स्तंभों का पालन नही करते! अत: कुरान - हदीस के अनुसार उन्हें मोमिन नहीं कहा जा सकता! ऐसे लोग तो वस्तुत: बनावटी मुसलमान है! इस्लाम इनके लिए अवैध-आपराधिक कार्यो के लिए एक ढाल भर है, इनकी इस्लाम में कोई आस्था नही है! कुरान के अनुसार, उन्हें इस्लाम के नाम पर मस्जिद, मदरसा, कब्रिस्तान, मजार, दरगाह, आदि पर और उनके प्रबंध पर कोई भी हक नही है – निगमानन्द