मूलंक और भाग्यांक, अंक ज्योतिष के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करते हैं। मूलंक, हमारी जन्मतारीख के प्रथम दो अंकों से प्राप्त होता है और हमारे व्यक्तित्व की मूल प्रकृति को दर्शाता है। वहीं, भाग्यांक, हमारी पूरी जन्मतारीख के सभी अंकों का योग होता है, जो हमारे जीवन के उद्देश्य और भाग्य को निर्धारित करता है।
"मूलंक और भाग्यांक के 81 संयोजन" यह पुस्तक, आपको इसी पहेली को सुलझाने में मदद करने का एक प्रयास है। इस पुस्तक में, हम मूलंक 1 से 9 और भाग्यांक 1 से 9 के सभी 81 संयोजनों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
इस पुस्तक में आप पाएंगे: मूलंक और भाग्यांक के 81 संयोजनों का गहन विश्लेषण: आप जानेंगे कि कैसे ये संयोजन आपके व्यक्तित्व, संबंधों, करिë