यह यात्रा है रोहित की, जिसने अयोध्या से श्रीलंका तक (8200 किमी) पैदल यात्रा की और इस यात्रा के दौरान जो भी अनुभव किया, उसे साझा किया। 'श्रीराम का वनवास' (अयोध्या से श्रीलंका) एक आकर्षक एकल यात्रा पुस्तक है, जो आपको भगवान राम के वनवास की कालातीत कथा में डुबो देती है। ये मेरे लिये अविश्वसनीय यात्रा थी। श्रीराम जी को केवल पढ़कर समझना कठिन है,ये महसूस मुझे तब हुया जब इनके पथ पर चला।हर स्थिति में अपने आप को सामान्य और अनेकों परिस्थिति में संयम बनाकर रखना ये चरित्र हमे प्रभु श्रीराम से अवश्य सीखना चाहिए । मेरे चित्त में हमेशा से ये जिज्ञासा था कि सभी लोग श्रीराम जी के प्रति समर्पण का भाव क्यों रखते थे! जबकि वो नारायण अवतरित एक मनुष्य प्राणी थे।हनुमान जैसे महाबली भी उनके एक कार्य के लिए त्याग की भ&