Jump to ratings and reviews

एक रत्ती मिट्टी: जासूसी कहानी (Detective for Young Book 2)

कहानी से-
सारी बातें सुनने के बाद जयन्त ने कुछ कहा नहीं। घर के बाहर जाकर उसने इधर-उधर थोड़ी चहल-कदमी की, फिर मुख्य दरवाजे पर आकर उसने कहा, “सुन्दरबाबू, आपने ठीक ही कहा, बाहर से इस मकान के अन्दर आने का कोई उपाय ही नहीं है।”
“तो फिर अपराधी घर के अन्दर आया कैसे?”
“इसी मुख्य दरवाजे से।”
“दरवाजा तो अन्दर से बन्द था।”
जयन्त ने जवाब नहीं दिया। नीचे देखते हुए वह अचानक उकड़ू होकर बैठ गया। इसके बाद जमीन से कोई चीज उठाकर आँखों के नजदीक लाकर उसे देखने लगा। फिर जेब से रूमाल निकालकर उस चीज को उसने मोड़कर रख लिया।
सुन्दरबाबू ने पूछा, “क्या है वह?”
जयन्त उठकर खड़े होते हुए बोला, “एक रत्ती मिट्टी।” —कहकर वह जमीन पर ही इधर-उधर निगाहें दौड़ाते हुए आगे बढ़ने लगा।
आँगन में आने के बाद वह फिर एक बार बैठ गया। फिर क

10 pages, Kindle Edition

Published September 26, 2024

Loading...
Loading...

About the author

Ratings & Reviews

What do you think?

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
2 (66%)
4 stars
1 (33%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.