भाग 1 - तूफान की शुरुआत
समुद्र की सतह पर लहरें धीरे-धीरे उठ रही थीं, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें दिशा दे रही हो। सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम की ओर ढल रहा था, और उसकी किरणें पानी पर पड़ती हुई सोने के चमकते कतरे जैसी लग रही थीं। समुद्री जहाज़ "सागर रक्षक" पूरी रफ़्तार से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। जहाज़ पर सवार दस लोगों का दल एक खास मिशन के लिए निकला था, लेकिन यह मिशन क्या था, इस बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं थी। हर यात्री अपने में खोया हुआ था, लेकिन सभी के मन में एक बेचैनी थी, जैसे कुछ अनहोनी होने वाली हो।
कैप्टन अरविंद, जहाज़ के सबसे अनुभवी सदस्य, बड़े धैर्य से नेविगेशन सिस्टम पर नजर रखे हुए थे। जहाज़ सही दिशा में था, और हवा की गति सामान्य थी। उनके साथ जहाज पर इंजीनियरिंग विशेषज्ञ अलीशा