पापा—जितना साधारण सा शब्द है, उतना ही गहरा भी। पापा जहां बेटों के दोस्त बनने में अक्सर मात खा जाते हैं, वहीं बेटियों की पूरी दुनिया बन जाते हैं। दिव्य प्रकाश दुबे की 'यार, पापा' एक ऐसी ही किताब है जो एक बाप-बेटी के रिश्ते की गहराइयों, दूरियों और उसके हर मोड़ को बड़ी खूबसूरती से दर्शाती है।
यह कहानी है मनोज साल्वे और उनकी रूठी हुई बेटी शाशा की। मनोज, एक मशहूर वकील, जिसने अपनी पूरी जिंदगी में कभी एक भी केस नहीं हारा, अपनी बेटी के दिल की लड़ाई हार चुका है। जिंदगी की दौड़ में आगे बढ़ने के चक्कर में मनोज से एक ऐसी गलती हो जाती है, जो शाशा के जज़्बात को ठेस पहुंचाती है, और उनकी बेटी उनसे दूर हो जाती है। लेकिन फिर एक दिन, जिंदगी एक नया मोड़ लाती है, जब खबर आती है कि मनोज की लॉ की डिग्री फेक है।
मनोज फैसला करते हैं कि वह अपनी लॉ की डिग्री पूरी करेंगे, और इसी बहाने पुणे के लॉ कॉलेज वापस जाते हैं, जहां उनकी बेटी शाशा भी अपना फाइनल ईयर कर रही होती है। यह एक नया मौका है अपनी बेटी के करीब जाने का, उसे अपनी बातें समझाने का। पर क्या मनोज शाशा का दिल जीत पाएंगे? क्या उनके बीच की दूरियां खत्म हो पाएंगी? और क्या यह कहानी सिर्फ मनोज और शाशा की है, या इसमें जिंदगी के और भी गहरे पहलू जुड़े हैं?
मेरे लिए 'यार, पापा' सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर था। यह मेरी दिव्य प्रकाश दुबे की कलम से निकली दूसरी किताब है, और जैसे पहली किताब ने मुझे छू लिया था, वैसा ही एहसास इस बार भी हुआ। मनोज और शाशा की कहानी दिल को छू लेने वाली है। कहानी पढ़ते हुए कई मोड़ ऐसे आए, जहां मुझे मेरे पापा की याद आई—उनका मेरे साथ होना, उनका प्यार, और वो छोटी-छोटी बातें जो हमारे रिश्ते को और मजबूत बनाती हैं।
दिव्य प्रकाश दुबे की लेखनी की बात ही अलग है। उनकी कहानियों में एक ठहराव है, एक सुकून है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। सबसे खास बात यह है कि वह अपनी कहानियों के माध्यम से जिंदगी के गहरे फलसफे बड़ी आसानी से समझा देते हैं। वो छोटी-छोटी बातें, जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, वही बातें जिंदगी का असली रंग होती हैं, और दिव्य उन्हें बड़े ही खूबसूरत अंदाज में पेश करते हैं।
अगर आप एक ऐसी कहानी पढ़ना चाहते हैं जो आपके दिल को छू जाए, आपको अपने पापा के और करीब ले आए, तो 'यार, पापा' एक ज़रूरी किताब है। यह किताब आपको हंसाएगी, रुलाएगी और जिंदगी के कुछ अनकहे जज्बात समझने का एक नया नजरिया देगी।