Jump to ratings and reviews
Rate this book

लांछन: विवाहित जीवन के संघर्षों से जन्मी एक स्त्री की संवेदनशील कहानी (Short Stories Book 1)

Rate this book
"इज्ज़त और सच्चाई के बीच की इस जंग में कौन जीतेगा?"

लांछन प्रियल की कहानी है, एक ऐसी महिला जो अपने पति पीयूष की उपेक्षा और समाज की कठोर अपेक्षाओं के बीच संतुलन साधने की कोशिश करती है। शादी के वर्षों बाद भी पीयूष की समस्याओं के कारण मातृत्व सुख से वंचित प्रियल को अपनी सासू माँ की उम्मीदों और तानों का सामना करना पड़ता है। तभी उसके जीवन में उसका पहला प्रेम, प्रभास, लौटता है और उसके दिल में मातृत्व की चाहत एक नए राह पर ले जाती है।

क्या प्रियल अपनी मर्यादा और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना पाएगी? क्या प्रभास के साथ का निर्णय उसे उस खुशी तक पहुंचाएगा, जिसका इंतजार वह बरसों से कर रही है?

लांछन एक साहसी स्त्री की सशक्त कहानी है, जो समाज के लांछनों से परे खुद की राह चुनती है।

36 pages, Kindle Edition

Published November 10, 2024

About the author

Parth Toroneel

34 books4 followers
સ્વભાવે બિંન્દાસ... જીવન ગમે તેવા રંગો પરિસ્થિતિ સ્વરૂપે ઢોળે, હું મારા સ્વભાવની પીંછીથી વર્તમાનના કેન્વાસ પર સુંદર સ્ટ્રોકસ મારી જીવનનું માસ્ટરપીસ પેઈંટ કરી લઉં છું. આ પણ એક કળા જ છે. જીવન જીવવાની કળા. કદાચ બધી કળાઓમાં આ કળા સૌથી અગત્યની અને ખાસ શીખવા જેવી છે. કારણકે આ કળા જીવનમાં ડગલે ને પગલે કામમાં આવતી હોય છે...

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
0 (0%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.