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राजू भैया रजनी भाभी

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उन्नीस बार झगड़े, बीस बार बतिया लें। पंडित ने दोनों के गृह तो मिला दिए, लेकिन बायोलॉजी, उसका क्या!? वो कैसे मिले!?

पचास से थोड़ा ही नीचे राजू भैया की जरूरतें आज भी बीस साल के लौंडों वाली हैं। लेकिन रजनी भाभी गणित में यकीन रखती हैं बायोलॉजी में नहीं। राजू भैया समझते रहें अपने आप को बीस का जवान, रजनी भाभी के लिए तो वे पचास के बुजुर्ग हैं। अब जब एक ही छत के नीचे एक गणित का विद्वान है और दूसरा बायोलॉजी का तो बवंडर तो मचेगा ही।

अगर राजू भैया चालाक लोमड़ है तो रजनी भाभी खूंखार शेरनी। और लोमड़ कितना ही चालाक क्यूँ ना हो शेरनी के सामने पड़ते ही उसकी चालाकी अपने आप दम तोड़ देती है। लेकिन लोमड़ की जान पे बन जावे तो भी फितरत से बाज ना आवे। शेरनी का पंजा या लोमड़ की बुद्धि, चलिए देखते हैं कौन मात खाता है।

100 pages, Kindle Edition

Published January 13, 2025

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Anmol Rana

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