"दासी" एक भावनात्मक और उत्तेजक कथा है, जो सेवा, वफादारी और निषिद्ध प्रेम की जटिलताओं को उजागर करती है। यह कहानी सारा नामक एक दासी और उसके मालिक रोकु के बीच के संघर्षों, इच्छाओं और सीमाओं को दर्शाती है। सारा जानती है कि उसका स्थान सिर्फ एक दासी का है, लेकिन रोकु की भावनाएँ उसे बार-बार विचलित करती हैं। यह कथा प्रेम, लालसा और सामाजिक बंधनों की उलझनों को गहराई से छूती है।