"इम्तिहान-ए-इश्क" पुस्तक की कहानी सिर्फ एक प्रेम कथा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, साहस और सामाजिक संघर्ष की दास्तान है। "इम्तिहान-ए-इश्क" स्नेहा की उस यात्रा को दर्शाती है, जहाँ उसे अपने आत्मसम्मान और प्रेम के बीच एक कठिन निर्णय लेना पड़ता है। इम्तिहान-ए-इश्क" एक युबा लड़की स्नेहा की कहानी हैं।स्नेहा उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर बरेली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी थी। उसके माता-पिता ने उसे बचपन से ही आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया था। वह पढ़ाई में बेहद होशियार थी और उसका सपना था कि वह कुछ बड़ा करे, अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरी उतरे, और अपने जीवन को अपने अनुसार जिए।
उसकी मेहनत और लगन रंग लाई, और उसने देश की प्रतिष्ठित संस्था, आईआईटी मुंबई में बीटेक में प्रवेश पा लिया। जब वह अ