राजनीति - देशप्रेम या स्वार्थ का खेल?" एक विचारोत्तेजक पुस्तक है, जो भारतीय राजनीति के काले पक्ष को उजागर करती है। यह पुस्तक दिखाती है कि कैसे चुनाव से पहले किए गए वादे केवल दिखावे तक सीमित रहते हैं और सत्ता में आने के बाद जनता की समस्याओं को नज़रअंदाज कर दिया जाता है।
इस पुस्तक में उन झूठे वादों और नीतियों की चर्चा की गई है, जिनका उद्देश्य जनता का भला करने के बजाय केवल सत्ता हासिल करना होता है। किताब में चुनावी राजनीति में किए गए झूठे वादों, गरीबों और महिलाओं के शोषण, झुग्गीवासियों के लिए पौष्टिक भोजन योजनाओं के छल, और सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए बनाई गई दिखावटी योजनाओं को विस्तार से बताया गया है।
मुख्य विषय: ✔️ राजनीति: सेवा या व्यापार? ✔️ चुनावी झूठे वादों का पर्दाफा&