क्या होगा जब मोहब्बत एक पिंजरा बन जाए, और उसमें कैद परिंदा खुद ही उस कैद से प्यार करने लगे?
‘मोहपाश’ सिर्फ एक कहानी नहीं, एक ऐसा भावनात्मक और मानसिक युद्ध है, जिसमें प्रेम, वासना, विश्वास और धोखे की रेखाएं धुंधली हो जाती हैं। इस कहानी की नायिका तनुजा, एक सामान्य स्त्री नहीं, बल्कि रहस्य और जाल की जीवित प्रतिमा है। एक ऐसा पात्र, जो अपने अंदर कई चेहरे छुपाए बैठा है।
हर मोड़ पर एक नया सवाल खड़ा होता है—क्या यह प्रेम है या एक सोची-समझी चाल? क्या वह सिर्फ एक पत्नी है, या उसके पीछे छिपा है कोई ऐसा अतीत जो सब कुछ तबाह कर सकता है?
यह कहानी उन पाठकों के लिए है जो रोमांच को सिर्फ पढ़ना नहीं, महसूस करना चाहते हैं। जो चाहते हैं कि हर पेज पर दिल की धड़कनें तेज़ हों और हर मोड़ पर दिमाग चकरा जाए।