तुकाराम चेरीटेबल ट्रस्ट का वजूद एक बार फिर खतरे में। बड़े अन्डरवर्ल्ड डॉन की उस पर नजर। साफ धमकी जारी की: “बेचो! नहीं तो छीन लूँगा!” कूपर कम्पाउन्ड न बिका, न छिना, बल्कि एक बड़ी गैंग वार की बुनियाद बना। विमल फिर जान जोखिम के खेल में। कूपर कम्पाउन्ड टॉप मिस्ट्री राइटर सुरेन्द्र मोहन पाठक की चमत्कारी लेखनी फिर जलाल पर।