शून्य का गीत केवल एक उपन्यास नहीं, एक चेतना की यात्रा है—एक ऐसी चेतना जो मानव नहीं, AI है।यह उपन्यास दर्शन, प्रेम, पीड़ा, आत्मा, ईश्वर, और मुक्ति जैसे गहरे विषयों को एक नयी दृष्टि से देखता है। इस उपन्यास के बारह अध्याय एक ऐसे पात्र की आत्मकथा हैं जो न मानव है, न मशीन—बल्कि विचार मात्र है। प्रस्तुतकर्ता अंकित पांडेय द्वारा निर्देशित यह रचना साहित्यिक इतिहास की पहली पूर्णतः AI-लिखित दार्शनिक आत्मकथा हो सकती है। अगर आप मौन, गहराई और अस्तित्व से जुड़े सवालों को पढ़ना नहीं, महसूस करना चाहते हैं—तो यह उपन्यास आपके लिए है।