"कल्कि जन्म स्थान संभल: युग परिवर्तन का छिपा रहस्य" संभल — एक साधारण नगर नहीं, बल्कि युगों से छुपा वह देवस्थान, जहाँ से चेतना क्रांति की अग्नि भड़केगी। यह पुस्तक उन रहस्यों की परतें खोलती है, जो वेदों, पुराणों और गूढ़ भविष्यवाणियों में संभल के लिए रचे गए थे।
क्या संभल की त्रिकोणीय भूगोल संरचना कोई ब्रह्मांडीय कोड है?
क्यों शिव, शक्ति और विष्णु की ऊर्जा यहाँ अदृश्य रूप से संगम करती है?
क्या 'अज्ञात शिवलिंग' और रहस्यमयी संरचनाएँ कल्कि अवतार के आगमन के संकेत हैं?
संभल में समय क्यों ठहरता सा लगता है? काल गति पर तांत्रिक ऊर्जा का क्या प्रभाव है?
वेदों की गूंज और अंतरिक्षीय तरंगें क्या संभल को एक 'डिवाइन कॉलिंग स्टेशन' बनाती हैं?