#bookreview
केवल जड़ें हैं - विनोद कुमार शुक्ल
कविताएँ
गाड़ी में पेट्रोल के साथ engine oil जो कार्य करता है, वही कार्य अन्य paathan के साथ शुक्ल जी की कविताएँ करती हैं - to cleanse the conscience!
प्राकृतिक। पेड़ पक्षी, फूल तितली। किरण अंधकार। सामाजिक। Suicidal. Depressing. Feelings of good for nothing. Serene. Deep. And as usual - abstract.
केवल जड़ें हैं - strong and concentrated.
हर पृष्ठ के बायीं तरफ उन्हीं की हस्तलिपि मुद्रित है।
1960-63 में लिखित - मगर अब भी उतनी ही relevant!