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ईश्वर की परछाई

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ईश्वर की परछाई एक छोटे पहाड़ी शहर अल्मोड़ा के एक मध्यवर्गीय लड़के अर्जुन बिष्ट की सच्चाई और आस्था से भरी कहानी है। अर्जुन अकेला है, उसके पास न तो दोस्त हैं, न ही आर्थिक सहारा — लेकिन उसके पास है अटूट विश्वास... भगवान में।

यह कहानी एक ऐसे लड़के की है जो हर मोड़ पर संघर्ष करता है — गरीबी, असफलता, अकेलापन और आत्म-संशय — लेकिन इन सबसे ऊपर उठकर वह जीवन को, और खुद को, एक नई दिशा देता है। जब दुनिया उसके लिए दरवाज़े बंद कर देती है, तब भगवान खिड़कियाँ खोलते हैं।

इस पुस्तक में आप पाएँगे:

* एक युवा की आत्मा को झकझोर देने वाली यात्रा
* पहाड़ी संस्कृति की सादगी और संघर्ष
* आस्था और कर्म के बीच संतुलन की सीख
* वह ताकत जो भगवान की चुप परछाई बनकर हर पल हमारे साथ होती है

यह सिर्फ एक कहानी नहीं, एक अनुभव ì

30 pages, Kindle Edition

Published May 30, 2025

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Deepak Chawla

8 books4 followers

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